शेयर बाज़ार में भारी गिरावट: ट्रंप टैरिफ़ और 4 अन्य कारणों से सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ़्टी 24700 से नीचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% आयात शुल्क लगाने का फैसला किया, जिससे बाज़ार में तेज बिकवाली हुई। रूस से तेल और रक्षा सौदों पर भी अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंधों की चेतावनी दी, जिससे बाजारी मनोबल और गिरा। सुबह 10:30 तक, सेंसेक्स 618 अंक (0.76%) लुढ़ककर XX,XXX पर, जबकि निफ़्टी 24700 के नीचे आ गया।

Karan

7/31/20251 min read

a very tall building with a lot of windows
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Investo News -

भारतीय शेयर बाज़ार ने आज (31 जुलाई) भारी गिरावट का सामना किया, जिसमें सेंसेक्स 600 अंक से अधिक लुढ़क गया और निफ़्टी 24,700 के स्तर से नीचे आ गया। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारत पर नए टैरिफ़ (आयात शुल्क) लगाने का ऐलान और कुछ अन्य आर्थिक कारण जिम्मेदार रहे। आइए, इन चार प्रमुख वजहों पर विस्तार से नज़र डालते हैं:

1. अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ़ लगाने की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले कुछ प्रमुख उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने का फैसला किया है। इसका सीधा असर भारतीय निर्यातक कंपनियों, विशेषकर फार्मा, स्टील और ऑटो सेक्टर पर पड़ा है। निवेशकों को डर है कि इससे भारतीय कंपनियों की मुनाफ़ेबाज़ी प्रभावित होगी, जिसके चलते बाज़ार में तेज बिकवाली देखी गई।

2. रूस से तेल और हथियार खरीद पर अमेरिकी दबाव

अमेरिका ने भारत को रूस से तेल और रक्षा उपकरणों की खरीद कम करने के लिए दबाव बनाया है। साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि अगर भारत ने इन सौदों को जारी रखा, तो अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इससे बैंकिंग, ऊर्जा और डिफेंस सेक्टर की शेयरों में गिरावट आई, जिसने बाज़ार को और नीचे धकेल दिया।

3. वैश्विक बाज़ारों में नकारात्मक रुख

वैश्विक स्तर पर भी बाज़ारों में अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिकी शेयर बाज़ारों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखी गई थी, जिसका असर आज एशियाई बाज़ारों पर भी पड़ा। चीन और जापान के शेयर बाज़ार भी लाल निशान में रहे, जिससे भारतीय बाज़ार को भी नकारात्मक संकेत मिले।

4. घरेलू आर्थिक आंकड़ों में निराशा

हाल ही में जारी आर्थिक आंकड़ों में महंगाई दर (CPI) और औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़े निराशाजनक रहे हैं। इससे अर्थव्यवस्था की रिकवरी को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर बाज़ार के मूड पर पड़ा। FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) लगातार भारतीय बाज़ारों से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।

निष्कर्ष

इन सभी कारणों के चलते आज बाज़ार में तेज गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका-भारत तनाव बढ़ता है या वैश्विक बाज़ारों में और गिरावट आती है, तो सेंसेक्स और निफ़्टी में और कमजोरी आ सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सेक्टर और स्टॉक्स का चयन सावधानी से करें और अगले कुछ दिनों में बाज़ार के रुख को समझने के बाद ही कोई बड़ा निर्णय लें।

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